कॉल क्वॉलिटी मापने के लिए ट्राई लाएगा नया ऐप

दूरसंचार नियामक ट्राई बहुत जल्द ही नया ऐप लेकर आएगा। इसकी मदद से आम लोग अपने टेलीकॉम ऑपरेटर की वॉयस कॉल क्वॉलिटी को माप सकेंगे। इसके लिए यह ऐप हर कॉल के बाद यूजर को मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी की कॉल क्वॉलिटी की रेटिंग करने की सुविधा देता है।


माना जा रहा है कि इस ऐप के चलते कंपनियां अपने नेटवर्क की कॉल क्वॉलिटी को बेहतर करेंगी। इस कदम के जरिये नियामक दूरसंचार कंपनियों पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहा है। ट्राई ने इसके अलावा टेलीमार्केटिंग करने वालों की अनचाही कॉलों से बचाने के लिए "डू नॉट डिस्टर्ब" (डीएनडी) को मजबूत करने की भी योजना बनाई है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की स्थापना के 20 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में इसके चेयरमैन आरएस शर्मा ने कहा, "हम दो फैसलों के साथ आ रहे हैं। पहले के तहत मोबाइल ग्राहकों के पास यह सुविधा होगी कि वे बात करने के बाद रेटिंग देकर यह बता सकेंगे कि कॉल गुणवत्ता कैसी थी। दूसरा डीएनडी व्यवस्था को मजबूत बनाएगा।"
फिलहाल डीएनडी के लिए जो फ्रेमवर्क मौजूद है, वह यूजर को अनचाही प्रमोशनल कॉल को ब्लॉक करने की सुविधा देता है। जिन ग्राहकों ने डू नॉट कॉल रजिस्ट्री में अपने नंबर दर्ज करा रखे हैं, उन्हें कॉल करने पर टेलिमार्केटिंग कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाता है। शर्मा के मुताबिक ट्राई इस पर काफी काम कर चुका है।
भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया जैसी पुरानी टेलीकॉम कंपनियों पर लगाए गए जुर्माने को लेकर शर्मा ने कहा कि अगले हफ्ते के अंत तक ट्राई दूरसंचार विभाग (डॉट) के पास अपना जवाब भेजेगा। पिछले साल ट्राई ने नए मोबाइल ऑपरेटर रिलायंस जियो को इंटरकनेक्शन नहीं देने की शिकायत पर तीनों कंपनियों पर 3,050 करोड़ रुपए जुर्माना लगाने की डॉट से सिफारिश की थी।
पिछले महीने दूरसंचार विभाग ने जुर्माना राशि की गणना समेत कुछ मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगते हुए इस मामले को वापस ट्राई को भेज दिया।

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